FY20 से FY25 के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि व्यापक रही. असम, तमिलनाडु, कर्नाटक सहित कई राज्यों ने राष्ट्रीय औसत से तेज विकास दर्ज किया.
नई दिल्ली: पिछले पांच वर्षों में भारत की आर्थिक वृद्धि केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश के कई राज्यों ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय विकास में अहम योगदान दिया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के स्थिर कीमतों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि FY20 से FY25 के बीच अनेक राज्यों की वास्तविक आर्थिक वृद्धि उल्लेखनीय रही.
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में 29% की वृद्धि
इसी अवधि के दौरान भारत की वास्तविक जीडीपी FY20 में 145.35 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 187.97 लाख करोड़ रुपये हो गई. यह पांच वर्षों में लगभग 29 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है. खास बात यह है कि शीर्ष 10 तेजी से बढ़ने वाले प्रमुख राज्यों की विकास दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रही, जो 30 से 45 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई.
असम सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला राज्य
असम 45 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली राज्य अर्थव्यवस्था बनकर उभरा. इसका GSDP FY20 में 2.4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 3.5 लाख करोड़ रुपये हो गया. कृषि, तेल एवं गैस तथा पूर्वोत्तर में बढ़ते बुनियादी ढांचे ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई.
तमिलनाडु और कर्नाटक का मजबूत प्रदर्शन
तमिलनाडु 39 प्रतिशत वृद्धि के साथ दूसरे स्थान पर रहा. राज्य की अर्थव्यवस्था 12.4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 17.3 लाख करोड़ रुपये हो गई, जिसमें ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र और सेवाओं का अहम योगदान है. वहीं कर्नाटक ने 36 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की. आईटी सेवाएं, स्टार्टअप, बायोटेक्नोलॉजी और उन्नत विनिर्माण इसकी प्रमुख ताकत रहे.
उत्तर प्रदेश और राजस्थान की बढ़त
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई और इसका GSDP 11.7 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 15.8 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. बड़ा घरेलू बाजार, कृषि और लॉजिस्टिक्स ढांचा इसके सहायक रहे. राजस्थान ने 34 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की, जहां खनन, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और सीमेंट उद्योग प्रमुख रहे.
अन्य राज्यों का योगदान
बिहार और आंध्र प्रदेश दोनों ने 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की. बिहार में कृषि और सेवाएं, जबकि आंध्र प्रदेश में कृषि, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स और खाद्य प्रसंस्करण ने विकास को गति दी. छत्तीसगढ़ और झारखंड में 31 प्रतिशत वृद्धि हुई, जहां खनिज, बिजली उत्पादन और भारी उद्योग प्रमुख रहे. तेलंगाना ने 30 प्रतिशत वृद्धि के साथ शीर्ष दस राज्यों की सूची पूरी की, जिसमें आईटी, फार्मास्यूटिकल्स और शहरी सेवाएं अहम आधार बने.



